सुना था मैंने भी आइ थी जो, कबरों की उन खबरों को,
कोई प्यासा वहां मरता,कोई भूखा ही सो जाता !
सभी कहते हैं के उस देश, में भी लोग बसते है,
मगर ऐसे हैवान-ए-दिल हैं , हमें उम्मीद नहीं थी ।
कोई प्यासा वहां मरता,कोई भूखा ही सो जाता !
सभी कहते हैं के उस देश, में भी लोग बसते है,
मगर ऐसे हैवान-ए-दिल हैं , हमें उम्मीद नहीं थी ।
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