निर्भय मृदुभाषी अभिमानी
पितृ आप की कुञ्ज-लता
चतुर चकोर लूट ले जाते
देख आप की स-हृदयता
हे निश्छल मन के श्वामी
अनंत चले ये जीव-लता
जीवन पर्यन्त निभाया है
अडिग रहे ये मानवता
निर्भय मृदुभाषी अभिमानी
पितृ आप की कुञ्ज-लता
चतुर चकोर लूट ले जाते
देख आप की स-हृदयता
हे निश्छल मन के श्वामी
अनंत चले ये जीव-लता
जीवन पर्यन्त निभाया है
अडिग रहे ये मानवता
